राष्ट्रीय महिला आयोग चाहता है की इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर नजर राखी जाए . आयोग का कहना है की महिला एवं बच्चे के अभद्र चित्रण को रोकने के मकसद से बनाया गया प्रस्तावित बिल यथाशीघ्र पारित किया जाए ताकि इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर निगरानी राखी जा सके.
आयोग की अध्यक्ष गिरिजा ब्यास का कहना है कि जब तक कानून नहीं बनाया जाता तब तक " बिग बॉस " और " राखी का इंसाफ " जैसे कार्यक्रमों को नहीं रोक जा सकता . ब्यास के मुताबिक आयोग ने महिलाओं को अभद्र प्रस्तुती निषेध कानून १९८६ की समीक्षा कर इसमें संशोधन प्रस्तावित किए है.
संशोधित मसौदें में " अभद्र चित्रण " को परिभाषा को व्यापक बनाया गया है . इलेक्ट्रोनिक और डिजिटल मीडिया को शामिल करने के लिए प्रस्तावित बिल का दायरा बढाया गया . साथ ही सजा को और कड़ा बनाने का प्रावधान किया गया है.
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